लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग की कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए गोरखपुर, मुजफ्फरनगर और बरेली में सेंटर फॉर इनोवेशन, इन्वेंशन, इन्क्यूबेशन एंड ट्रेनिंग के संचालन को जल्द शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों को आधुनिक तकनीक और उद्योग आधारित प्रशिक्षण के उत्कृष्ट केंद्र के रूप में विकसित किया जाए।
आईटीआई को उद्योगों से जोड़ने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की आईटीआई को अधिक से अधिक उद्योगों से जोड़ा जाए। उद्योगों की जरूरत के अनुसार पाठ्यक्रम और प्रशिक्षण तैयार किए जाएं तथा अप्रेंटिसशिप और कार्यस्थल आधारित प्रशिक्षण को बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने कहा कि कौशल विकास को केवल रोजगार तक सीमित न रखते हुए वैश्विक अवसरों से भी जोड़ा जाना चाहिए।
योगी आदित्यनाथ ने आईटीआई और उद्योगों के बीच लगातार संवाद की व्यवस्था करने के साथ प्रत्येक मंडल मुख्यालय पर नियमित रोजगार मेलों के आयोजन के निर्देश दिए। उनका कहना था कि उद्योग आधारित प्रशिक्षण से युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे।
150 राजकीय आईटीआई के उन्नयन का काम जारी
बैठक में बताया गया कि टाटा टेक्नोलॉजीज के सहयोग से 150 राजकीय आईटीआई के उन्नयन का कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा 62 अन्य आईटीआई के उन्नयन की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है। उद्योगों के सहयोग से 37 राजकीय आईटीआई में एडवांस स्किल लैब स्थापित की जा चुकी हैं।
अनुदेशकों की चयन प्रक्रिया तेज करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षण की गुणवत्ता के लिए अनुदेशकों की उपलब्धता को महत्वपूर्ण बताते हुए चयन प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि चयनित अनुदेशकों की नियमित नियुक्ति की प्रक्रिया में उनके अनुभव और कार्य के आधार पर वेटेज देने का प्रावधान किया जाए।
बैठक में बताया गया कि 2,406 अनुदेशक पदों पर चयन किया जा चुका है और 2,200 से अधिक चयनित अनुदेशक कार्यभार ग्रहण कर चुके हैं।
युवाओं को हिंदी, अंग्रेजी और विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण
बैठक में बताया गया कि प्रशिक्षणार्थियों के लिए कार्यस्थल पर हिंदी की आधिकारिक शब्दावली और उसके प्रयोग से संबंधित प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक प्रशिक्षणार्थी के लिए अंग्रेजी भाषा का प्रशिक्षण अनिवार्य किया गया है।
जापान और जर्मनी जैसे देशों में कुशल जनशक्ति की मांग को देखते हुए विदेशी भाषाओं का डिजिटल प्रशिक्षण शुरू करने के लिए कंपनियों के चयन की प्रक्रिया भी चल रही है।
जीरो पॉवर्टी अभियान से जुड़े परिवारों के युवाओं पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री ने जीरो पॉवर्टी अभियान से जुड़े परिवारों के बच्चों और युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि 14 से 35 वर्ष आयु वर्ग के 9.52 लाख युवाओं का सत्यापन पूरा हो चुका है। इनमें 1.44 लाख युवाओं को पात्र चिन्हित किया गया है, जबकि 8,746 युवाओं का प्रशिक्षण के लिए पंजीकरण हो चुका है।
पांच साल में 21.13 लाख युवाओं को मिला प्रशिक्षण
बैठक में बताया गया कि पिछले पांच वर्षों में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के माध्यम से 21.13 लाख युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है। इनमें 12.94 लाख युवाओं को सेवायोजन मिला है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब कौशल प्रशिक्षण की सफलता का आकलन केवल प्रशिक्षित युवाओं की संख्या से नहीं, बल्कि रोजगार और स्वरोजगार के वास्तविक परिणामों के आधार पर किया जाना चाहिए।
यूपी को अग्रणी कौशल हब बनाने का लक्ष्य
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश के युवाओं को आधुनिक कौशल, उद्योग आधारित प्रशिक्षण और वैश्विक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने प्रदेश को देश का अग्रणी कौशल हब बनाने की दिशा में तेजी से काम करने के निर्देश दिए।
